दोस्ती बिना प्यार नही हो सकता !!! so aao pyaar kare i mean dosti kare.

मंगलवार, 16 फ़रवरी 2010

प्यार की भाषा (pyaar ki bhasha)

प्यार एक ऐसी भावना है, जो हर इंसान के लिए महत्वपूर्ण है। केवल इसे जताने व कहने के तौर-तरीके फर्क है। मैं तुम्हें प्यार करता हूं, सामान्य से लेकिन अर्थपूर्ण इस वाक्य का इजहार भिन्न-भिन्न भाषाओं में कैसे होता है, आइए जानें :
इंगलिश-आई लव यू।
बांग्ला-आमी तुमा के भालो बाशी।
गुजराती-हूं तने प्रेम करूं छूं।
कोंकणी-तू मागेल मोगा छो।
मलयालम-नजन निन्नेप्रेमीकुन्नू।
मराठी-मी तुला प्रेम करतो।
सिंधी-मा तोखे प्यार केन्दो अहयन।
तमिल-नान उन्नई कथालीकरेन।
तेलुगू-नेनू निन्नू प्रेमीसतुन्नानु।
उर्दू-मैं आप से प्यार करता हूं।
फारसी-दोसेत दरम।
फ्रेंच-ज तेम, ज आमर तू।
ग्रीक-सागापो।
इटैलियन-ती आमो।
जैपनीज-आइशीतेरू।
कन्नड-नानू नीन्ना प्रीतिसुतैन।
कोरियन-सारंग हेयो।
लैटिन-ते आमो।
परशियन-दू-सेट दारम।
थाई-(पुरुष से) चान रक खुन।
(स्त्री से) फोम रक खुन।
जर्मन-इच लीबे दिच।

रविवार, 14 फ़रवरी 2010

love test

पहले प्यार पर यकीन है आपको?
क्या महज पहली नजर में प्यार हो जाता है? क्या पहली नजर का प्यार हमेशा सच होता है और परवान चढ़ता है? लेखकों और कवियों ने भले ही पहली नजर के प्यार को लेकर खूब कसीदे काढ़े हों, लेकिन हकीकत में पहली नजर का प्यार सबसे कमजोर और बहुत कम हकीकत में बदलने वाला होता है। महज 4 फीसद लोग ही अपने पहले प्यार के साथ जीने-मरने की हसरत पूरी कर पाते हैं।

फिर भी पहली नजर के प्यार के बारे में लोगों का मुगालता नहीं टूटता। क्या कहा? आप भी पहली नजर के प्यार के मुरीद हैं और आपको यह अंदाजा नहीं है कि आपका प्यार परवान चढ़ेगा या यूँ ही दोस्तों के बीच खाली समय का किस्सा बनकर रह जाएगा? अगर परेशान हैं और स्थिति का आकलन नहीं कर पा रहे हैं तो इस क्विज में हिस्सा लीजिए। नतीजे आपको खुद-ब-खुद बता देंगे कि आपकी मोहब्बत की हकीकत क्या है।

1. क्या पहली नजर में किसी के प्रति आकर्षित होने को प्यार माना जा सकता है?

(क) हाँ।

(ख) नहीं।

(ग) यह महज आकर्षण है।

(घ) अपवाद के तौर पर।

2. प्यार के लिए आखिर किस चीज की जरूरत होती है?

(क) सुंदर होने की।

(ख) प्यार के लिए किसी चीज की जरूरत नहीं होती।

(ग) रुचियाँ और लक्ष्य समान होना चाहिए।

(घ) आर्थिक स्थिति बेहतर होनी चाहिए।

3. क्या पहली नजर में आप किसी के स्वभाव की थाह ले सकते हैं?

(क) हाँ।

(ख) नहीं।

(ग) किसी के स्वभाव को कभी नहीं जाना जा सकता।

(घ) प्यार के लिए इसकी कोई जरूरत नहीं है।

4. क्या पहली नजर का प्यार सचमुच स्थायी होता है?

(क) हाँ।

(ख) कभी-कभी।

(ग) कभी नहीं।

(घ) प्यार स्थायी प्रतिक्रिया ही नहीं है।

5. किसी ने आपसे कहा कि आप उसका पहला और आखिरी प्यार है।

(क) आप इस पर सहज विश्वास कर लेंगे।

(ख) मानकर चलेंगे कि यह तो हर प्रेमी का जुमला होता है।

(ग) समझेंगे कि यह सफेद झूठ है।

(घ) इस तरह की बातों पर ध्यान ही नहीं देंगे।

6. फिल्मों में हीरो-हीरोइनों के बीच पहली नजर में ही जन्म-जन्मांतर के लिए प्यार हो जाता है, आपके मुताबिक

(क) हकीकत में भी ऐसा संभव है।

(ख) फिल्मों की हकीकत से तुलना करना ही बेमानी है।

(ग) ऐसा कभी नहीं होता।

(घ) पता नहीं

7. आप जीवन में पहली बार किसी मुसीबत में फँसे हैं और किसी ने आपकी मदद की। क्या इस मदद की एवज में-

(क) उससे प्यार करना ही चाहिए।

(ख) कोई जरूरी नहीं है।

(ग) अक्सर प्यार हो ही जाता है।

(घ) पता नहीं।

आकलन :- यहाँ हर सवाल के लिए 4 जवाब हैं। 4 में से किसी 1 जवाब के लिए 5 अंक दिए गए हैं, शेष के लिए शून्य है। यदि आप 30 से 35 अंक हासिल करते हैं तो इसका मतलब है कि पहले प्यार के बारे में आपका नजरिया दुरुस्त है। यदि आपको 20 से 25 अंक मिलते हैं तो भी चिंता की बात नहीं है। लेकिन यदि आपको 15 अंकों से कम मिलते हैं तो इसका मतलब यह है कि पहले प्यार के बारे में आपका नजरिया रूमानी है। हकीकत से उसका कुछ लेना-देना नहीं है।

उत्तर :- 1-घ, 2-ग., 3-ख, 4-ख., 5-ख, 6-ख, 7-ख

प्यार क्या है {pyaar kya hai}

पति पत्नी
ND
ND
दूसरों से प्रेम करने की शुरुआत पहले अपने से ही प्रेम करने से होती है। अपने से प्रेम करना हमेशा आत्ममुग्धता नहीं होती। यहाँ अपने से प्रेम करने का मतलब है, अपनी सभी खूबियों और कमियों के साथ अपने को बिना किसी शर्त के स्वीकार करना।

इसे सेल्फ इंप्रूविंग भी कहा जाता है। इसका मतलब यह भी है कि इससे हम अपने को बेहतर ढंग से जान पाते हैं। इसलिए अपने को निखारना आना चाहिए। इसका मतलब अपनी क्षमताओं और योग्यताओं में विश्वास करना। छात्रों को खुद को बेहतर बनाने के लिए इन आठ सीढ़ियों का इस्तेमाल चाहिए।

रचनात्मक आलोचना करें :
हर कोई अपना कटु आलोचक हो सकता है लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि हर छात्र को अपनी आलोचना करनी आनी चाहिए। आप ऐसा संभव कर सकें तो बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं इसलिए अपने दिमाग में आ रहे नकारात्मक भावों को खत्म करें और रचनात्मक आलोचना करें।

माफ करें :
कई बार होता है कि छात्र अपनी पिछली गलतियों को नहीं भूलते और अपने को इसके लिए कभी माफ नहीं करते। यही कारण है कि वे किसी ट्रामा या ट्रेजेडी से कभी पूरी तरह उभर नहीं पाते। इसलिए जिस तरह हम दूसरों की गलतियों को सहजता से भूल जाते हैं, उन्हें माफ कर देते हैं, ठीक इसी तरह अपनी गलतियों के लिए अपने को भी माफ करना चाहिए। बस ध्यान रखें कि अब उस गलती को कभी न दोहराएं ।

ईमानदारी :
सच का सामना ईमानदारी से करें यानी अपने से कभी झूठ न बोलें। यदि आप अपने प्रति ईमानदार रहेंगे तो ही दूसरों के प्रति ईमानदार हो सकेंगे। यह बात करियर से लेकर दोस्ती तक में काम आती है। कई बार ऐसा होता है कि अनजाने में बोला गया छोटा सा झूठ हमेशा आपकी दोस्ती में दरार पैदा कर सकता है ।

अपने में विश्वास :
यह बात कभी नहीं भूलनी चाहिए कि हम सभी में कुछ खास हैं। हर छात्र में कुछ न कुछ खासियत होती है। इसलिए अपनी किसी भी क्षमता, कुशलता और योग्यता या किसी भी तरह की खासियत में विश्वास रखिए।

यारा सिली सिली :
याद रखिए कि जब आप बच्चे थे तो इस बात कि कभी चिंता नहीं करते थे कि आपके बारे में कौन, क्या सोचता है। इसलिए इस दुनिया का सामना एक बच्चे की तरह करें और बच्चों की तरह ही रिएक्ट करें। कभी बबल्स बनाएँ, कभी कोई गाना गुनगुनाएँ और कभी बच्चों की तरह फनी फेस बनाकर इस जिंदगी का मजा लें। गंभीरता कई बार जिंदगी का मजा किरकिरा कर देती है। एंजॉय द लाइफ विद स्माइल।

दूसरों को धन्यवाद दें :
हम हमेशा प्रार्थना करते हुए ईश्वर को धन्यवाद देते हैं कि हमारी जिंदगी में सब कुछ अच्छा हो रहा है या कि हम स्वस्थ हैं, खुश हैं। इसलिए दूसरों को किसी अच्छे काम के लिए धन्यवाद दें। यह अपने से प्रेम का ही एक तरीका है। इससे आप एक बेहतर इंसान बनते हैं।

समय निकालें :
हमेशा छात्र करियर और प्रतियोगिता की आपाधापी में दौड़ते-हाँफते रहते हैं। आराम के लिए पर्याप्त समय निकालें। यह आपके जोश पर जबर्दस्त असर करता है। अपने पसंदीदा संगीत सुनें या वह करें, जिसमें आप भरपूर मस्ती कर सकते हैं।

जोखिम लें :
कई बार छात्र किसी तरह का जोखिम लेने से डरते हैं। वे चाहते हैं कि हमेशा आराम की स्थिति ही बरकरार रहे। याद रखिए जिंदगी में छोटे-मोटे रिस्क कभी किसी को नुकसान या आहत नहीं करते। इसलिए हमेशा कुछ अच्छा करने की कोशिश करें। यह आपका आत्मविश्वास बढ़ाता है। कई बार ऐसा होता कि आप कुछ ऐसा अलग कर जाते हैं जिसे करने से आप हमेशा कतराते थे। ऐसा करने से आपका डर खत्म हो जाता है।

लाल गुलाब

गुलाब

प्रेम दिवस के दिन प्रेमी-प्रेमिकाओं की ही नहीं गुलाबों की भी कीमत बढ़ जाती है। जो गुलाब आम दिनों में दस से 15 रुपए का मिलता है, उसकी कीमत पचास रुपए तक पहुँच जाती है।

वैलेंटाइन केवल प्रेमी-प्रेमिकाओं का ही त्योहार नहीं इस दिन हर उस व्यक्ति के प्रति स्नेह जताने का चलन हो गया है,जिसे किसी भी रूप में प्यार किया जाता हो। लोग अपने दोस्तों, शिक्षकों, वरिष्ठों को भी फूल देकर स्नेह और आदर प्रकट करते हैं। यह जरूर है कि स्नेह की भावना के प्रकार को प्रकट करने के लिए फूलों का रंग अलग-अलग होते हैं।

लाल गुलाब सबसे कीमती :
सफेद शांति का,पीला-गुलाबी दोस्ती का और लाल प्यार का प्रतीक है। यही कारण है कि लाल रंग के गुलाब की कीमत इस दिन सबसे ज्यादा होती है। पीला गुलाब जहाँ 15 रुपए का मिलता है,तो लाल गुलाब 20 रुपए का। बाकी सभी रंग दस-दस रुपए में भी मिल जाते हैं।

कोच्चि से आता है दिल जैसा फूल :
वैसे तो गुलाब देकर ही प्यार का इजहार करने का चलन अधिक है, मगर कुछ शौकीन प्रेमी एन्थोरियम फूल भी देते हैं। दिल के आकार का यह फूल कोच्चि से मँगाया जाता है। यह सफेद अथवा गुलाबी रंग में मिलता है। इसकी कीमत भी 50 रुपए ही होती है।

हर रंग कुछ कहता है :
फूल तो वह गुलाब का ही है, लेकिन हर फूल का रंग अलग बात कहता है। इसलिए जब भी आप अपनी भावनाओं का इजहार करना चाहें, तो बेशक गुलाब का चुनाव करें लेकिन उसके रंग पर खास ध्यान दें। सही रंग का चयन करने से आपकी अभिव्यक्ति को ज्यादा अर्थ मिल जाएँगे।

कई रंगों में उपलब्ध गुलाबों के बीच अमूमन लोग यह अंतर नहीं समझ पाते कि किस समय और किसे उन्हें कौन सा गुलाब देना चाहिए? कुछ लोगों को यह समझ नहीं आता कि उन्हें कितनी संख्या में गुलाब भेंट करना चाहिए। किसी को गुलाब देते समय न केवल रंगों पर ध्यान देने की जरूरत है, बल्कि गुलाबों की संख्या और गुलाब की परिपक्वता भी आपकी भावनाओं का इजहार करती है। दो गुलाबों का अर्थ, दो होकर भी एक से है। परंपरागत रूप से दो गुलाबों को किसी भी सगाई या शादी में दिया जाता है।

लाल रंग का गुलाब :
इस रंग का गुलाब सच्चे प्यार को प्रर्दिशत करता है। इसके अलावा लाल गुलाब इज्जत, पैशन और उत्साह को दर्शाता है।

गुलाबी रंग का गुलाब :
खूबसूरती और एलीगेंस का प्रतीक है गुलाबी गुलाब। हल्के गुलाबी रंग के गुलाब का अर्थ सहानुभूति और गहरे गुलाबी रंग के गुलाब को कृतज्ञता से जो़ड़कर देखा जाता है।

लैवेंडर रोज :
इसे जादू या मोह से जो़ड़ा जाता है। यदि किसी को पहली नजर में प्यार हो गया हो, तो वह इन गुलाबों को उस व्यक्ति को भेंट कर सकता है।

सफेद गुलाब :
इसको शुद्घता और सरलता से जो़ड़कर देखा जाता है। किसी को सफेद गुलाब देने का अर्थ उसके प्रति प्यार और इज्जत दिखाना है।

गुलाब की कली :
गुलाब की कली जवां मोहब्बत या सरलता का प्रतीक है। पूरी तरह से खिला गुलाब आपके विकसित प्रेम का सबूत है। एक खिले गुलाब के साथ दो गुलाब की कली, आपके गुप्त प्यार की परिचायक है।

वैलेंटाइन डे पर गुलाब के दाम :
लाल गुलाब - 20 से 50 रुपए का एक
पीला गुलाब - 15 से 50 रुपए का एक
गुलाबी गुलाब - 10 रुपए
सफेद गुलाब - 10 रुपए

प्यार हो गया है (pyaar ho gaya hai)-2







* आप उसकी जीवनशैली अपनाने लगते हैं।

* उसको ध्यान में रखकर आप 'मैं' की बजाय अब 'हम' शब्द का इस्तेमाल ज्यादा करने लगते हैं।

* फुर्सत के पलों में आप बेवजह उसका नाम लिखने बैठ जाते हैं।

* रोमांटिक गीतों के हर शब्द पर आप गौर करने लगते हैं और हर गाना आपको अपनी ही दास्तान लगता है। कल्पना करते हुए आप साथ में गाने भी लगते हैं।

* वो शहर से कुछ दिनों के लिए बाहर हो तो बेचैनी में और तन्हाई से बचने के लिए आप बिना किसी काम के ही अपने मित्रों के साथ वक्त गुजारते हैं और उन्हें अपने किस्से सुना-सुनाकर बोर करते हैं।

* आप पूरी दुनिया को भूल बैठे हैं। आपको अपनी भी खबर नहीं रहती। उसकी याद में आप होश खो बैठते हैं। कहीं के लिए निकले हैं और कहीं निकल जाते हैं।

* उसके खयाल में आप खाना-पीना, पढ़ना लिखना सब भूल जाते हैं। ये सारे काम आपको बेकार लगते हैं।

* बिना किसी प्रयास के ही आपका वजन घटने लगता है लोग कहते हैं क्या बात है डायटिंग पर हो?

* अपनी हेयर स्टाइल तथा ड्रेसिंग स्टाइल बदलने के लिए आप 'उससे' मशविरा लेते हैं।

* आपको लगता है कि वो कभी कुछ भी गलत कर ही नहीं सकता।

* आपने दूसरे सारे लड़कों या लड़कियों से हँसी-मजाक तक करना छोड़ दिया है, आपको अब उनका साथ अच्छा नहीं लगता है।

* आपको हर वक्त, आधी रात को भी फोन बजे तो लगता है उसी का फोन है।

* उसकी सारी कमियाँ में आपको खूूबियाँ नजर आने लगती हैं। उसकी हर बात आपको सेक्सी लगती है।

* उसके पसीने की बदबू भी आपको मदहोश बना देती है।

* आप अपने आप का कुछ ज्यादा ही ध्यान रखने लगते हैं।

* अब आप उसे उसके नाम से नहीं बुलाते। आपने उसे एक 'निकनेम' दे दिया है और उस 'निकनेम' से उसे पुकारते वक्त आप अपना सारा प्यार उंडेल देते हैं।

* उसे देखते ही आपके दिल की धड़कन बढ़ जाती है मानो आप मीलों से भागकर चले आ रहे हों। आपका टेम्प्रेचर भी बढ़ जाता है।

* उसकी हलकी-सी छुअन का एहसास आपके पूरे शरीर में हलचल मचा देता है.... और उस एक छुअन का एहसास आपके रोम-रोम में समा जाता है।

* आप बेवजह उसकी माँ-बहन या रिश्तेदारों से बड़े सम्मान से बातें करने लगते हैं।

* उसके घिसे-पिटे जोक्स पर भी आपको बहुत हँसी आती है।

* उसकी हर बेवकूफी और गलती आपको क्यूट लगती है।

* उससे मिलने के बाद, घंटों बात करने के बाद भी आपको लगता है कि काश, थोड़ा वक्त और मिल जाता या काश, इस मुलाकात का अंजाम कभी जुदाई न होता।

* यदि वह किसी की ओर देख भी ले तो आपको गवारा नहीं, आपका दिल आहत हो जाता है।

* उसका साथ आपको अच्छा लगने लगता है और बाकी सबका साथ बोर।

* उसकी हर बात से आप सहमत हो जाते हैं। उसकी हर सलाह आपको अच्छी लगने लगती है।

* अब आपको अपनी मनपसंद का खाना अच्छा नहीं लगता। अब आप मेनू देखते समय यह ध्यान रखते हैं कि उसे क्या पसंद है।

अगर ये सब कुछ या इनमें से कुछ आपके साथ हो रहा है। तो समझ लें कि- प्यार हुआ चुपके से...

प्यार हो गया है (pyaar ho gaya hai)

कभी आप मौन हो जाएँ, कभी बोल खो जाएँ, जब अपने आप की खबर ही न रहे, स्वयं का अस्तित्व किसी और में घुलता जाए। सारी बातें मन ही मन में चलती रहें। न तुम कुछ कहो, न मैं कुछ कहूँ। ऐसा ही कुछ-कुछ होता है जब प्रेम होता है। प्यार का पहला एहसास जागता है तो कुछ-कुछ नहीं बहुत कुछ होता है।

लेकिन कभी-कभी यह समझने में बड़ी कठिनाई होती है कि ये प्यार ही है या और कुछ। पहला-पहला प्यार हो तो कुछ समझ नहीं आता है कि क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है ऐसा? किसी का अच्छा लगना और फिर एक ही मुलाकात में पूरी जिंदगी बन जाना.... ये कैसा एहसास है, जिसने पूरे जीवन को बदल डाला है। जिंदगी बदल गई है वो सब कुछ हो रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ.... कहीं आपको प्यार तो नहीं हो गया है.....

पता नहीं हाँ....नहीं.... बड़ी उलझन है.... लेकिन जानें तो कैसे जानें कि आपको प्यार हो गया है। शायद हम ही आपकी कुछ मदद कर सकें। अगर ऐसे ही कुछ एहसास आपके मन में भी जाग रहे हों तो समझ लें कि आपको प्यार, प्यार और सिर्फ प्यार हो गया है। क्या ये लक्षण आपको अपने में नजर आ रहे हैं? जरा देखिए-

* हर पल मन में कुछ बेचैनी-सी महसूस होती है। सब कुछ होने के बाद भी कहीं कुछ कमी-सी लगती है।

* उसका जिक्र छिड़ते ही प्यार की खुशबू आती है। उसका नाम सुनते ही चेहरे पर शर्मकी लाली छा जाती है, दिल धड़कने लगता है।

NDND
* पूरी रात इधर-उधर करवटें बदल-बदल कर ही बीतती है। नींद आती ही नहीं, आए भी तो कैसे? आँखें बंद करते ही वो सामने आ जाते हैं और फिर पूरी रात आँखों-आँखों में ही कट जाती है।

* वो साथ हों तो जिंदगी हसीन और मौसम खुशनुमा बन जाता है। आप इसी तरह की जिंदगी की ख्वाहिश करने लगते हैं।

* आपके चेहरे पर अचानक ही गजब का निखार आ जाता है। दोस्त कहने लगते हैं, ''कुछ तो चक्कर है.... लगता है ये प्यार की चमक है.... और आप शरमाकर मुँह छिपा लेते हैं।

* कभी शेरो-शायरी और कविता की ओर ध्यान न देने वाले आप अचानक ही ऐसी चीजों के दीवाने हो जाते हैं। दिन-दिन भर गजलें सुनने में बिता देते हैं। जगजीतसिंह आपके फेवरेट हो जाते हैं।

* अपनी जिंदगी की हर बात उससे जुड़ी-सी लगती है।

* बस इस बात का इंतजार रहता है कि किसी भी तरह से उसका दीदार हो जाए। दीदार होने पर दिल में फूल खिल जाते हैं।

* रोमांटिक फिल्में देखना और उसकी परिस्थितियों से अपने आप को जोड़ना आपको कुछ ज्यादा ही अच्छा लगने लगता है।

* आपको उसकी बेतुकी, बचकानी बातें भी अच्छी लगने लगती हैं और उन पर भी प्यार आता है।

* अचानक ही ईश्वर में आपका विश्वास बढ़ जाता है। आप ज्यादा दयालु और उदार हो जाते हैं।
न जाना के जां से जाता है कोई।
बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते॥

WDWD
आपने किसी से प्यार किया हो और उनका इंतजार न किया ऐसा हो ही नहीं सकता। दरअसल प्यार और इंतजार एक-दूसरे से उसी तरह जुडें हैं, जिस तरह फूल और खुशबू।

कभी-कभी इंतजार करना बहुत दुश्वार हो जाता है। जैसे आप आँखें बिछाए उनका इंतजार कर रहे हैं और उनका फोन आता है कि अभी उन्हें आने में कुछ वक्त और लगेगा तो आपके लिए ये लम्हा बहुत ही फ्रस्टेट कर देने वाला होता है। ऐसे में आप गुस्सा होने के बजाए अगर उस वक्त का सही उपयोग करें तो आप अपनी लाइफ में रोमांस बढ़ा सकते हैं। यहाँ हम आपको बता रहे हैं कि उनका इंतजार कैसे किया जाए और इंतजार के हर लम्हें को खुशगवार कैसे बनाया जाए।

इंतजार का अपना ही एक मजा है, लेकिन कुछ लोग जरूर इसे बोर मानते हैं और अपने साथी से शिकायत करते हैं कि उन्हें इंतजार न करवाएँ। लेकिन जनाब जरा सोचिए कि आपके इंतजार करने के बाद जब वो आपसे मिलने आते हैं तो बेकरारी और मिलन का मजा भी तो दोगुना हो जाता है। जितना लंबा इंतजार उतना ज्यादा मिलन का सुखद एहसास, सौदा बुरा नहीं है। इंतजार करने के एवज में आप उन्हें प्यारी सी सजा भी दे सकते हैं।

अब रहा सवाल कि उनके इंतजार में वक्त कैसे गुजारा जाए, तो साथियों इसका सबसे अच्छा तरीका है कि जब तक वो न आएँ तब तक आप सोच सकते हैं कि होने वाली मुलाकात को कैसे यादगार बनाएँ और उनके आने पर आप सबसे पहले क्या करेंगे। साथ ही आप इंतजार की कीमत भी सोच सकते हैं, जो उनके आने पर वसूली जा सकती है। इसके अलावा आप इंतजार पर कुछ शेर पढ़ सकते हैं, जो कभी-कभी इम्प्रेशन मारने में तो काम आ सकते हैं। इसी बहाने आपको कुछ शेर-शायरी का भी अभ्यास हो जाएगा जो प्यार में बहुत एहमियत रखती है। अगर आप थोड़े क्रिएटिव हैं तो उनकी तारीफ में कोई गजल या कविता लिख सकते हैं, जो उनके लिए एक अनमोल तोहफा होगा।

जब आप किसी से प्यार करते हैं, तो उनके साथ ख्यालों की दुनिया तो जरूर सजाते होंगे। यानी उनका इंतजार करते हुए आप अपनी कल्पनाओं को साकार करने के बारे में सोच सकते हैं, जिसे आपके वो सुनकर निश्चित ही रोमांचित होंगे और आपको मिल सकेगा रोमांटिक होने का एक और बहाना।

तो जनाब इंतजार के फायदे भी हैं, लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं कि आप उन्हें इतना इंतजार करवाएँ जिससे वे नाराज ही हो जाएँ। उनकी नाराजगी का ख्याल रखते हुए इंतजार के इन महत्वपूर्ण टिप्स पर अमल कीजिए तो आप को लगेगा की आपकी रोमांटिक लाइफ उनके इंतजार में और भी रोमांटिक हहै।
source-webdunia.com